Tuesday, June 25, 2019

पाकिस्तान और बांग्लादेश बाकी बचे कम से कम दो मैच हार जाएं

इंग्लैंड में खेला जा रहा वर्ल्ड कप क्रिकेट टूर्नामेंट अपने शबाब पर है. कुछ मुक़ाबले दिल की धड़कनें बेहद तेज़ कर देने वाले रहे हैं और चौंकाने वाले भी.
एक पखवाड़े पहले दक्षिण अफ्रीका सरीखी टीमों को खिताब का दावेदार बताया जा रहा था, लेकिन बड़े टूर्नामेंट में एक बार फिर इस टीम ने अपने खेल से निराश किया और सात मैचों में सिर्फ़ एक मुक़ाबला जीत कर नॉकआउट हो चुकी है.
टूर्नामेंट में अब तक कम से कम चार मैच तो ऐसे रहे, जिन्होंने साबित किया कि मैच से पहले भले ही किसी टीम को फ़ेवरेट माना जाए, लेकिन जब खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं असल इम्तहान तभी होता है.
जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ रहा है अंकों के जोड़-तोड़ का खेल भी तेज़ हो गया है. श्रीलंका की इंग्लैंड पर जीत और फिर पाकिस्तान के दक्षिण अफ्रीका हराने के बाद सेमीफ़ाइनल मुक़ाबलों की जंग भी दिलचस्प होती दिख रही है.
राउंड रॉबिन लीग मुकाबले में पाकिस्तान को शिकस्त देने के बाद क्रिकेट प्रशंसक ये जानने के लिए बेताब हैं कि क्या भारत अपने परंपरागत प्रतिद्वंद्वी से एक बार फिर टकरा सकता है.
अभी अंक तालिका में टॉप चार टीमें न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, भारत और मेज़बान इंग्लैंड हैं.
भारत से हारने के बाद अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान से हारने के बाद दक्षिण अफ्रीका के लिए टूर्नामेंट के दरवाज़े बंद हो गए हैं.
अभी छह मैचों में पाँच अंक लेकर पाकिस्तान सातवें नंबर पर है. तो अब पाकिस्तान कैसे अंतिम चार में पहुँच सकती है.
न्यूज़ीलैंड- छह मैचों में पाँच जीत के साथ 11 अंक लेकर टॉप पर है. इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच बाकी. बस एक और जीत से कीवियों की सेमीफ़ाइनल में जगह पक्की हो जाएगी.
(लेकिन तब क्या अगर न्यूज़ीलैंड तीन में से एक भी मुक़ाबला नहीं जीत सकी. तो उसके 11 अंक ही रहेंगे, लेकिन इस स्थिति में श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान के लिए बचे तीन-तीन मुक़ाबलों में से कम से कम एक में हार ज़रूरी है, ताकि तीनों 10 अंकों तक न पहुँच सकें.)
ऑस्ट्रेलिया
छह मैचों में 5 जीत के साथ 10 अंक लेकर दूसरे नंबर पर है कंगारू टीम. ऑस्ट्रेलिया अभी तक सिर्फ़ अपना मुक़ाबला भारत से हारा है.
एरोन फ़िंच की टीम के इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ मैच बाकी हैं. एक और जीत देगी सेमीफ़ाइनल में पहुँचने की गारंटी.
(लेकिन अगर वो बचे तीनों मुक़ाबलों में से एक भी नहीं जीत सकी तो..... ऑस्ट्रेलिया के 10 अंक ही रह जाएंगे. ऐसे में कंगारुओं को उम्मीद करनी होगी कि श्रीलंका कम से कम दो मैचों में परास्त हो और बांग्लादेश और पाकिस्तान भी कम से कम एक-एक मुक़ाबला गंवा दें. इस तरह श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान तीनों 11 अंक हासिल नहीं कर पाएंगे.)
भारत
अभी तक टूर्नामेंट में अपराजेय रही है विराट कोहली की टीम. पाँच मैचों में चार जीत के साथ 9 अंक लेकर तीसरे नंबर पर है.
टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान को शिकस्त दे चुकी है और बारिश से बाधित मैच में न्यूज़ीलैंड से अंक बांटा है.
वेस्ट इंडीज़, इंग्लैंड, बांग्लादेश और श्रीलंका के ख़िलाफ़ मैच बाकी. दो मैचों में जीत से तय हो जाएगी सेमीफ़ाइनल में जगह पक्की.
(लेकिन अगर टीम इंडिया बाकी बचे चार मैचों में से एक भी नहीं जीत पाई तो....भारत के नौ ही अंक रह जाएंगे. ऐसे में टीम इंडिया ये उम्मीद करेगी कि श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश बाकी बचे एक से अधिक मैच न जीत पाएं. साथ ही वेस्टइंडीज़ भी कम से कम एक मैच हार जाए.)
इंग्लैंड
आईसीसी की वनडे रैंकिंग में नंबर एक मेज़बान टीम इंग्लैंड छह मैचों में 4 जीत के साथ आठ अंक लेकर चौथे नंबर पर है.
अभी ऑस्ट्रेलिया, भारत और न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ मैच खेलने बाकी. सेमीफ़ाइनल में पहुँचने के लिए दो मैच जीतने ही होंगे.
(लेकिन अगर अंग्रेज़ टीम बाकी तीनों में से एक भी मैच नहीं जीत पाई तो.....इंग्लैंड के आठ ही अंक रह जाएंगे और वो टूर्नामेंट से बाहर होने के कगार पर होगी. लेकिन कुछ अगर-मगर उसे सेमीफ़ाइनल में पहुँचा सकते हैं.

Monday, June 10, 2019

कठुआ गैंग रेप: तीन को उम्र क़ैद, तीन को 5-5 साल की क़ैद

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में पिछले साल जनवरी महीने में आठ साल की एक बच्ची के साथ गैंग रेप, प्रताड़ना और हत्या मामले में छह दोषियों में से तीन को अदालत ने उम्र क़ैद की सज़ा दी है.
इस सनसनीखेज गैंग रेप के बाद देश भर में ग़ुस्सा देखा गया था. पूर्व सरकारी अधिकारी सांजी राम को इस मामले का मास्टरमाइंड माना जा रहा था. पठानकोट की फास्ट ट्रैक अदालत ने राम को भी उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई है.
सबूतों के अभाव में सांजी राम के बेटे को अदालत ने रिहा कर दिया है. इसके साथ ही दो पुलिस वालों को भी पाँच-पाँच साल की क़ैद की सज़ा सुनाई है.
सांजी राम के अलावा परवेश कुमार, दो स्पेशल पुलिस ऑफिसर दीपक कुमार और सुरेंदर वर्मा, हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज और सब-इंस्पेक्टर आनंद दत्ता को इस मामले में दोषी ठहराया गया है. पुलिसकर्मियों को सबूतों को मिटाने में दोषी ठहराया गया है.
सांजी राम राजस्व विभाग के रिटायर्ड अधिकारी हैं, दीपक खजुरिया स्पेशल पुलिस ऑफिसर हैं. इन दोनों के अलावा सांजी राम के दोस्त परवेश कुमार को भी उम्र क़ैद की सज़ा दी गई है.
कोर्ट के फ़ैसले के बाद पीड़िता की मां ने मुख्य अभियुक्त सांझी राम को फांसी देने की मांग की थी.
उन्होंने बीबीसी से कहा, "मुझे राहत मिली है, लेकिन न्याय तब मिलेगा जब सांझी राम और विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया को फांसी दी जाएगी."
"मेरी बेटी का चेहरा आज भी मुझे परेशान करता है और यह दर्द जीवनभर रहेगा. जब मैं उसकी उम्र के दूसरे बच्चों को खेलते देखती हूं तो मैं अंदर से टूट जाती हूं."
पीड़िता पक्ष के वकील मुबीन फ़ारूकी ने कहा, "आज सच की जीत हुई है. आज पूरे देश की जीत हुई है. पूरे देश ने यह लड़ाई मिल कर लड़ी थी. दीपक खजुरिया, प्रवेश कुमार और सांझी राम को 376डी, 302, 201, 363, 120बी, 343 और 376बी के तहत दोषी ठहराया गया है. वहीं तिलक राज, आनंद दत्ता और सुरिन्दर वर्मा को आईपीसी की धारा 201 के तहत दोषी ठहराया गया है. यह संवनैधानिक भावना की जीत है. सत्यमेव जयते."
वहीं अभियुक्तों के वकील ने हाई कोर्ट जाने की बात कही है.
पुलिस के मुताबिक़ बच्ची को कई दिनों तक ड्रग्स देकर बेहोश रखा गया था. उसे पिछले साल 10 जनवरी को अग़वा किया गया था और क़रीब एक सप्ताह बाद उसका शव मिला था. इस मामले को लेकर देशभर में प्रदर्शन हुए थे.
मामले की सुनवाई बंद कमरे में तीन जून को पूरी कर ली गई थी और फ़ैसला 10 जून को सुनाना तय हुआ था.
सोमवार को क़रीब दस बजे मामले के सभी सात अभियुक्तों को कोर्ट लाया गया. इसके बाद फ़ैसले को सुनाने की कार्यवाही शुरू हुई.
मामले का आठवां अभियुक्त नाबालिग़ है.
फ़ैसले को लेकर जम्मू के कठुआ में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. ज़िले में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है. पठानकोट में कोर्ट के बाहर भी भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है.
सुप्रीम कोर्ट की दख़ल के बाद पठानकोट में शुरू हुई थी सुनवाई
कठुआ रेप और हत्या मामले में जब पुलिस चार्जशीट दायर करने जा रही थी तो रास्ते में कुछ स्थानीय पत्रकारों ने उनका रास्ता रोक लिया था. अभियुक्तों के पक्ष में रैलियां निकाली गई थीं.
इसे देखते हुए मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दख़ल दिया और आदेश दिया कि मामले का ट्रायल जम्मू से बाहर पठानकोट में किया जाएगा और इस ट्रायल में हर दिन कैमरे के सामने कार्यवाही होगी.
इस मामले की गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनने को मिली थी. अप्रैल 2018 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने आठ वर्षीय बच्ची से रेप और हत्या की घटना को 'डरावना' बताया था. उन्होंने उम्मीद जताई थी कि इस संबंध में प्रशासन न्याय ज़रूर सुनिश्चित करवाएगा.